Eternal Living Shabad Guru ( Eternal Living Guru )
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अमर उपदेश
सिख पंथ के शाश्वत शब्द गुरु एवं अलौकिक ज्ञान सागर
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की महिमा एवं शिक्षाएं
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सिखों के शाश्वत आध्यात्मिक गुरु हैं। इसमें 1430 अंग, 31 राग, 6 गुरु साहिबान, 15 भक्तों, 11 भट्टों की पावन वाणी संकलित है।
मुख्य विशेषताएं
शब्द गुरु परंपरा
सब सीखन को हुकम है गुरु मानिओ ग्रंथ
शब्द वाणी ही अनंत काल तक सिखों की शाश्वत मार्गदर्शक है।
सर्वसमावेशी सद्भाव
6 गुरु एवं 15 भक्तजनों की वाणी
कबीर जी, रविदास जी, नामदेव जी, फ़रीद जी सहित सभी संतों की वाणी को समान आदर।
1430 पावन अंग (31 राग)
संगीत एवं भक्ति का संगम
प्रत्येक शब्द रागबद्ध है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है।
मुख्य सिद्धांत
इक ओंकार एवं नाम सिमरण
एक परमात्मा की भक्ति और नाम सिमरण ही जीवन का ध्येय है।
अहंकार का विनाश
काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार का त्याग।
सत्य का मार्ग
सच्चा आचरण और समाज सेवा।
धुर की वाणी
ईश्वर द्वारा प्रेषित प्रत्यक्ष पावन वाणी।

